
तारीख:07/01/2026
पता: नई दिल्ली
दिल्ली में आधी रात को हुआ पुलिस-MCD टीम पर पथराव;फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने पहुंची थी; 5 पुलिसकर्मी घायल, 5 उपद्रवी गिरफ्तार हुए।यह कार्रवाई रामलीला मैदान के पास तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के करीब की गई।ओर दिल्ली के रामलीला मैदान इलाके में मंगलवार रात फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हिंसा भड़क गई। और उसके बाद कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंका गया, जिससे उन 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए।यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब एक सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया गया कि अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान मस्जिद को गिराया जा रहा है।
इसके तुरंत बाद, कई लोग वहां जमा हो गए, और कुछ ने पुलिस और MCD कर्मचारियों पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकीं गई।पुलिस ने मंगलवार रात प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। मामले में अब तक एक नाबालिग समेत 5 उपद्रवियों को हिरासत लिया गया है।MCD के डिप्टी कमिश्नर विवेक कुमार ने कहा कि अभियान के दौरान एक डायग्नोस्टिक सेंटर और बैंक्वेट हॉल और दुकानों को तोड़ा गया है। मस्जिद को कोई नुकसान नहीं हुआ है।पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को गलियों में खदेड़ा।पुलिस ने कहा कि हालात कंट्रोल में हैं। पूरे इलाके में सुरक्षाबल की तैनाती है।

ट्रकों में मलबा भरकर इलाके को खाली कराया जा रहा है।ओर उसी के साथ दिल्ली MCD 17 बुलडोजर लेकर अतिक्रमण हटाने पहुंची थी।अतिक्रमण एक्शन के बीच इलाके से गुजरते लोग।रामलीला मैदान के बाद तुर्कमान इलाक में स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद।रामलीला मैदान के बाद तुर्कमान इलाक में स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद।
फैज-ए-इलाही मस्जिद की प्रबंधन समिति ने दिल्ली एमसीडी के 22 दिसंबर 2025 के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इसमें कहा गया कि मस्जिद के बाहर की 0.195 एकड़ जमीन पर बने ढांचे अवैध हैं। उन्हें हटाया जाएगा।
एमसीडी का कहना है कि अतिरिक्त जमीन पर मालिकाना या वैध कब्जे के दस्तावेज पेश नहीं किए गए हैं। एमसीडी का यह आदेश 12 नवंबर 2025 को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के निर्देशों के आधार पर जारी किया गया था।डिवीजन बेंच के आदेश में तुर्कमान गेट के पास रामलीला ग्राउंड से करीब 38,940 वर्ग फुट अतिक्रमण हटाने को कहा गया था, जिसमें सड़क, फुटपाथ, बारात घर, पार्किंग और एक निजी क्लिनिक शामिल हैं।और उसके बाद ,मस्जिद समिति का कहना है कि यह जमीन वक्फ संपत्ति है। वह इसके लिए वक्फ बोर्ड को लीज किराया देती है। हमें अतिक्रमण हटाने पर आपत्ति नहीं है। बारात घर और क्लिनिक का संचालन बंद किया जा चुका है। मुख्य आपत्ति कब्रिस्तान को लेकर है।6 जनवरी को ही दिल्ली हाईकोर्ट ने मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी जमीन से अतिक्रमण (बारात घर और डायग्नोस्टिक सेंटर) हटाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया था।कोर्ट ने इस मामले में नगर निगम दिल्ली (MCD), शहरी विकास मंत्रालय, दिल्ली विकास प्राधिकरण, दिल्ली वक्फ बोर्ड समेत अन्य विभागों से जवाब मांगा है।जस्टिस अमित बंसल ने कहा था कि मामला सुनवाई के योग्य है। सभी पक्षों को 4 हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी।
