
तारीख:07/02/2026
पता: उत्तर प्रदेश
डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत नामक व्यक्ति ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं।प्रयागराजः इंदिरा आईवीएफ सेंटर पर नाबालिग को विवाहिता बनाकर एग (अंडाणु) निकालने का मामला सामने आया है।पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस गंभीरता से जांच करनी शुरू कर दी है।नाबालिग को न सिर्फ विवाहिता बताया गया बल्कि उसका फर्जी आधार कार्ड और हलफनामा भी बनवाया गया। पुलिस ने रिंकी हेला (32), पलक हेला (19), कल्पना भारतीय (26), सीमा भारतीय (40), हिमांशु भारतीय (19) को गिरफ्तार किया गया है।डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत नामक युवक ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क में शामिल एजेंट और गैर कानूनी तरीके से किशोरियों, युवतियों को पैसों का लालच देकर एग निकलवाने वाले गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है।पैसों का लालच देकर फंसाया डीसीपी ने बताया कि प्रयागराज के फाफामऊ एरिया निवासी नाबालिग की मां ने केस दर्ज कराया है।मामले की जांच से शुरू की गई तब जाकर संगठित गिरोह का पता चला।पीड़िता एक रेस्टोरेंट में काम करती थी।इसी दौरान दो युवतियों ने उसे मोबाइल खरीदने के लिए पैसे दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद गिरोह में शामिल कूपर रोड की महिला सीमा और उसके बेटे हिमांशु के माध्यम से शाहगंज निवासी आईवीएफ सेंटर की रजिस्टर्ड एजेंट कल्पना से मिलवाया।कल्पना ने फर्जी कंसेंट एफिडेविट तैयार कराया गया।फर्जी हलफनामा और आधार कार्ड पुलिस ने बताया कि सभी ने मिलकर नाबालिग का फर्जी आधार कार्ड और विवाहिता होने का कूटरचित हलफनामा तैयार कराया।इसी आधार पर इंदिरा आईवीएफ सेंटर में गैरकानूनी तरीके से एग अंडाणु निकलवाए इसके एवज में किशोरी को 10 हजार रुपए दिए गए।फर्जी हलफनामा और आधार कार्ड पुलिस ने बताया कि सभी ने मिलकर नाबालिग का फर्जी आधार कार्ड और विवाहिता होने का कूटरचित हलफनामा तैयार कराया. इसी आधार पर इंदिरा आईवीएफ सेंटर में गैरकानूनी तरीके से एग (अंडाणु) निकलवाए. इसके एवज में किशोरी को 10 हजार रुपए दिए गए।पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि गिरोह ने अन्य लड़कियों के साथ भी इसी तरह की अवैध प्रक्रिया कराई हो सकती है। पुलिस आईवीएफ सेंटर के रिकॉर्ड खंगाल रही है. अब तक कराए गए मामलों की पड़ताल की जा रही है।फाफामऊ पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है. मामले में मानव तस्करी, धोखाधड़ी और मेडिकल नियमों के उल्लंघन से जुड़ी धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
